Wednesday, May 13, 2020

दोस्त से उधार लेकर कि शुरुआत... अब सालाना टर्नओवर 48 करोड़ पार.....
    


ये सफ़लता की सच्ची कहानी है जोधपुर शहर के शास्त्रीनगर में रहने वाले लोहिया दंपति की...जिन्होने कहीं बार असफ़ल होने के बाद एक ऎसा बिजनेस शुरू किया किसकी डिमांड देश में ही नहीं विदेश में भी बहुत है..........

अगर पैसों का अभाव हो और सपने बड़े हो तो सपने कैसे पूरे किए जाते हैं ये करके दिखाया है जोधपुर शहर में रहने वाले एक दंपति ने....

हम घर में कचरा समझ कर बाहर फेंकते है उसी कचरे को उठाकर इस दंपती ने उस कचरे का ऎसा आकर दिया कि आज उस कचरे से बनाई आइटम की डिमांड कई देशों में है जिसका सालाना टर्नओवर करोड़ों में है....

शुरुआत कैसे की......

जोधपुर शहर के शास्त्री नगर में रहने वाले रितेश लोहिया ने इस बिजनस की शुरुआत करने से पहले कई बिजनेस किए हैं जिसमें हर बार असफ़लता मिली और कई बार कर्ज हुआ...
लेकिन इस बार रितेश लोहिया ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कुछ अलग करने का सोचा और उन्होंने कचरे को नया रूप देकर हैंडीक्राफ्ट आइटम बनाने पर काम करना शुरू किया....और आइटम का पहला फोटो लेकर वेबसाइट पर डाल दिया। लेकिन कई दिनों बाद उन्हें डेनमार्क से ऑर्डर आया। लेकिन उन्होंने बिजनस में कई बार असफ़ल होने के बाद उनके पास उस आइटम का ऑर्डर पूरा करने के लिए भी पैसे नहीं थे। तो उन्होंने उसके एक दोस्त से पैसे उधार लेकर ऑर्डर को पूरा किया। उसके बाद दंपती ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी मेहनत और लगन से काम करते गए और ऑर्डर देश विदेश से मिलते गए। जो हज़ारों, लाखो और अब करोड़ों का व्यापार हो रहा है।



प्रदेश की यह पहली हैंडीक्राफ्ट आइटम बनाने वाली कम्पनी है जो केपिटल मार्केट में सूचीबद्ध है...आज के समय मेंहैंडीक्राफ्ट आइटम की डिमांड 36 देशों में है जिसमें सबसे ज्यादा युरोपीयन देशों में है...
इस कम्पनी के आइटम्स इतने लुभावने और मनमोहक है कि इसके बारे में हिस्ट्री व डिस्कवरी चैनल भी दिखा चुके हैं

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